Rango Ka Hisaab – Hindi Poem

यु जिंदगी में रंग खूब देखे मैंने ,
पर असलियत में रंगों से हिसाब थोड़ा बाकी है

जिंदगी में सबके , मैं रंग भरना सिख गया ,
पर अब भी कुछ मीठा ऐहसास लाना बाकी है ।

रंग बिरंगी कलमों से खूब लिखी बातें दिल की ,
पर अब भी अपनी लेखनी से जीवित ऐहसास जगाना बाकी है।

ख़ूबसूरत बादियों में निकली रंग – बिरंगी तितलियां ,
इंद्रधनुष के जैसे जिंदगी में कुछ निखार लाना बाकी है ।

यु जिंदगी में रंग खूब देखे मैंने
पर असलियत में रंगों से हिसाब थोड़ा बाकी है |